सरभंगा व धारकुंडी आश्रम से सतना जिले ही नही बल्कि देश के शिष्यों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।यहां के जंगल हरियाली के साथ जंगली जानवरों की चहल कदमी के लिए जाने जाते है। सरभंगा आश्रम को अभ्यारण बनाने लगातार उठाई है,लेकिन बोट बैंक की सोच यहां के जंगली जानवरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है।उसी क्रम में दरम्यानी रात्रि फिर दिखा तेंदुआ चर्चाओं का बाजार हुआ गर्म।