कुरसाकांटा: शिक्षक दिवस के ख़ास पेशकश में ठेंगापुर पंचायत के शिक्षक ताराचंद्र राम की दर्द भरी कहानी।
कहते हैं कि गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है आज शिक्षक दिवस भी है ऐसे में एक शिक्षक की दिनचर्या क्या होती है और आखिर कितनी मुश्किलों को झेलते हुए शिक्षक स्कूल पहुँच रहे हैं. भारत-नेपाल सीमा स्थित सिकटी प्रखंड के ठेंगापुर निवासी शिक्षक ताराचंद राम की कहानी जो बीते 18 वर्षों से बकरा नदी में जर्जर नाव के सहारे,जान हथेली पर रखकर स्कूल जा रहे हैं.