आगरा में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आरोपी ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर खुद को कागजों में मृत दिखाया और केस बंद करा लिया। साल 2025 में वही आरोपी जिंदा हालत में स्कूटर चलाते दिखा। जांच में वह जीवित पाया गया और उसके नाम से स्कूटर पंजीकृत निकला। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया से धोखाधड़ी मानते हुए आरोपी, उसके बेटे और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर