गुरुवार कथा के चौथे दिन शाम करीब 6 बजे सैकड़ो की संख्या में भक्तजन कथा का आनन्द उठाते देखे गए।बताते चलें कि इस कथा का वर्णन सन्तोष शास्त्री के मुखरविन्दु से किया जा रहा है।परीक्षत के रूप पूरे गाँव की सहमति से उदयवीर सिंह बैठाया गया है।मालूम हो कि चकरनगर इलाके का सिन्डोस गाँव के लोग एकता प्रतीक है।आए दिन सामाजिक कार्य करते रहते है।