महिलाओं के साथ होने वाले अश्लील व्यवहार को कानून में अपराध माना गया है। चाहे वह कार्यालय में हो या कहीं पर किसी भी महिला को इस प्रकार की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। बल्कि सही कदम उठाते हुए न्याय की मांग करना चाहिए ।उक्त बातें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष पांडेय ने शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे कहीं