प्रखंड प्रमुख निखिल किशोर उर्फ भिखारी यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी गिरफ्तारी शराब सेवन या मारपीट के मामले में नहीं हुई थी। उन्होंने न्यायिक हिरासत से बाहर आने के बाद बताया कि उनके विरुद्ध चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी से जुड़े एक पुराने चेक बाउंस मामले में कोर्ट द्वारा वारंट जारी किया गया था।