उन्होंने शिक्षकों से कहा कि सिर्फ अपनी ड्यूटी करके खाना पूर्ति नहीं करना है। अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करें और समर्पण भाव से बच्चों को पढ़ाएं, उनका मार्गदर्शन करें, आप का प्रयास दिखना भी चाहिए। ब्लूप्रिंट के अनुसार परीक्षा की तैयारी कराएं। उन्होंने अतिरिक्त क्लास लेने, पाठयक्रम पूर्ण होने के बाद सतत अभ्यास कराने,बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थित।