कहानी उस दौर में लिखी जा रही थी
जब बड़हरिया विधानसभा की टिकट पर सियासी सौदेबाज़ी अपने चरम पर थी…
जब टिकट योग्यता नहीं, कीमत पर तौले जाने लगे थे…
और अंततः मोटी रकम के बदले टिकट बेच दिए गए।
ऐसे में सवाल उठता है
6.5k views | Hussainganj, Siwan | Jan 3, 2026