सोनू कुमार ने एक साधारण ट्रैक्टर पर तीन अलग-अलग मशीनों को एक साथ फिट किया है इन मशीनों की मदद से धान की सफाई, छिलाई और चावल निकालने की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर बेहद तेजी से पूरी हो जाती है. खास बात यह है कि इस मिनी राइस मिल को कहीं भी ले जाया जा सकता है यानी अब किसानों को चावल बनवाने के लिए दूर-दराज की बड़ी राइस मिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते.