आश्रम निर्माण में आज वीरा(मेरी बेटी)ने कम से कम पूरे दिनभर में चालीस ईंटे उठा कर कार्य स्थल तक ले गयी। हर कार्य मे इसके बढ़ चढ़ कर भाग लेने की उत्सुकता से मैं प्रसन्न हूँ। एक तरह से यह इसका प्रशिक्षण भी है।।
आश्रम निर्माण में आज वीरा(मेरी बेटी)ने कम से कम पूरे दिनभर में चालीस ईंटे उठा कर कार्य स्थल तक ले गयी। हर कार्य मे इसके बढ़ चढ़ कर भाग लेने की उत्सुकता से मैं प्रसन्न हूँ। एक तरह से यह इसका प्रशिक्षण भी है।। - Chatra News