प्रयागराज: झूला अली असगर व ताबूत अली अकबर की जियारत व बोसा लेने को उमड़ा हुसैनी सैलाब, मीरगंज से निकाला गया अलम व जुलूस
कर्बला में हक और बातिल की जंग को 1400 साल गुजरने के बाद भी आज तक हुसैन ए मज़लूम के चाहने वाले अश्क बहा कर मजलिस मातम और शहादत का बयान कर रहे हैं।मीरगंज स्थित इमामबाड़ा रजी़ अस्करी के अजा़खाने से नवी मोहर्रम का अलम व जुलूस निकाला गया। जिसमें झूला अली असगर व ताबूत अली अकबर की जियारत के लिए हजारों की तादाद में हुसैन के चाहने वालों का सैलाब लगा रहा।