चरखारी निवासी पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजन 'माड़े-दाल-भात-गोरस' को ‘एक जिला एक व्यंजन’ नीति में शामिल करने की मांग की। यह व्यंजन मुख्यतः लोधी समाज द्वारा विशेष अवसरों और त्योहारों में बनाया जाता है। मिट्टी के घड़े में बनती माड़े और पोषक तत्वों से भरपूर गोरस इसे स्वाद और पौष्टिकता में अद्वितीय बनाते हैं।