सरकार के दावों की पोल खोलती एक खौफनाक तस्वीर पिपलिया बावड़ी से सामने आई है। यहाँ करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर नल लगाए गए, लेकिन ये सिर्फ 'शोपीस' बनकर रह गए हैं। सतीपुरा और डुडवा फालिया के 200 से ज्यादा परिवार आज बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हालत यह है कि नल सूखे हैं और हैंडपंपों ने दम तोड़ दिया है।