सत्तर कटैया: शहीद कुंदन यादव के परिवार को ज़मीन का इंतज़ार, गलवान झड़प के 6 साल बाद भी सरकारी वादा अधूरा
आरण गांव के लोग भी इस बात से नाराज हैं कि शहीद के नाम पर किए गए वादे पूरे नहीं हो रहे। ग्रामीणों का कहना है कि शहादत के समय नेता और अधिकारी पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन समय बीतते ही सब भूल जाते हैं। इससे शहीदों के परिवारों का मनोबल टूटता है।क्या शहीदों के वादे सिर्फ फाइलों तक सीमित रहेंगे? देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद कुंदन कुमार या