जिले में वित्तीय अनुशासनहीनता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उन सात प्रखंडों के नाजिरों के दिसंबर 2025 का वेतन तत्काल रोक दिया गया है, जिनके ऊपर 2008–09 से 2021 तक के कुल ₹44,53,089 खर्च का हिसाब नहीं देने का आरोप है। प्रशासन का कहना है कि इतने लंबे समय तक पुरानी वित्तीय प्राथमिकताओं के लिये लेन-देन के वाउचर, डीसी बिल और खर्च का समुचित ब्यौरा