02 और 03 मार्च की रात्रि होलिका दहन के बाद 04 मार्च बुधवार को क्षेत्र भर में धुरेड़ी का पर्व पूरी उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा हैं। छोटे बच्चों में इस पर्व को लेकर बेहद उत्साह नजर आ रहा है। बुधवार की सुबह सुरज की पहली किरण के साथ ही शहर के लेकर गांवों में रंगों का पर्व धुरेड़ी पर लोग एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व की बधाईया देते हुए नजर आए।