गौरतलब है कि बालोद जिले में शक्कर कारखाना संचालित होने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध नहीं होता। हर वर्ष पेराई के दौरान ब्रेकडाउन की स्थिति बन जाती है जो ऐसे में जिला प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों को गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि कारखाना में नियमित रूप से गन्ने की पेराई चलता रहे।