कोठिया गांव में शीतला अष्टमी पर आयोजित होने वाला पारंपरिक ईलाजी महोत्सव इस बार भी आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सदियों पुरानी इस परंपरा में ईलाजी की लकड़ी के संकेत को आने वाले वर्ष के भविष्य से जोड़ा जाता है। इस बार ईलाजी ने सुकाल यानी अच्छे जमाने का संकेत दिया, जिसके बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया।