“अस्सी की आयु थी जिसकी, पर लहू राजपूताना था
थे कुँवर सिंह जिनको सबने, फिर भीष्म पितामह माना था”
उदारता व शौर्य के परम प्रतीक, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायोद्धा ‘बिहार की शान’ बाबु वीर कुंवर सिंह जी के विजयोत्सव पर कोटि कोटि नमन
38.2k views | Chapra, Saran | Apr 24, 2023