सेगांव में श्रद्धालु माता रूपी ज्वारों की पूजा अर्चना कर गणगौर माता के रथों को ले गये अपने घर।निमाड़ की संस्कृति धरोहर एवं आस्था का प्रतीक गणगौर पर्व माना जाता है। जिसकी शुरुआत गुरुवार से हुई है। सेगांव सहित संपूर्ण निमाड में गणगौर माता की बाडी दसमी पर गुरुवार को खोली गई। वही सेगांव में संतोष शर्मा व द्वीपेश शर्मा के निवास पर बाडी बोई गई थी।