ओम पुण्याहम्- ओम पुण्याहम्, प्रिहंताम- प्रिहंताम जैसे मंत्र की गूंज, वासक्षेप लेकर आचार्य भगवंत और प्रभु की प्रतिष्ठा के लिए खड़े लाभार्थी परिवार। जैसे ही आचार्यश्री ने सुबह 9.42 बजे प्रतिष्ठा का मूल मंत्र बोला, थाली डंके की गूंज के बीच लाभार्थी परिवार ने ऋषभदेव प्रभु, अन्य जिन प्रतिमा, गुरू प्रतिमा, देव-देवी प्रतिमा की प्रतिष्ठा की। साथ ही जिनालय के शिखर पर