संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक के समापन से पूर्व आयोजन स्थल पर एक ऐसा भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया। माओवादी बारूदी सुरंगों की चपेट में आकर अपने पैर गंवा चुके साहसी प्रतिभागियों की विशेष व्हील चेयर दौड़ का आयोजन किया गया, जिसने खेल भावना के साथ-साथ अदम्य साहस और आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया।