कन्नौज में विवेक नारायण मिश्रा ने कहा, "जब राहुल गांधी ने सेना से संबंधित किताब लिखी थी, तब निशिकांत दुबे को किताब की याद नहीं आई थी। आपातकाल के ढाई साल बाद जनता ने कांग्रेस की सरकार बनाई, अब उस मुद्दे का कोई औचित्य नहीं बचता।" उन्होंने निशिकांत दुबे के इस कदम को राजनीतिक स्टंट करार दिया।