शुक्रवार की दोपहर थी। फुलवरिया गांव की एक साधारण-सी दहलीज पर आज असाधारण सन्नाटा पसरा हुआ था। घर के आंगन में रखी एक तस्वीर के सामने फूल सजे थे, अगरबत्तियों की खुशबू हवा में तैर रही थी और आंखों में नमी लिए खड़ा था एक बेटा—अपने पिता की चौथी पुण्यतिथि पर। गुरुआ थाना क्षेत्र के बेलौटी पंचायत के फुलवरिया गांव निवासी स्वर्गीय मिथलेश रजक आज भी अपने परिवार की सांसों