बांदा के पैलानी तहसील क्षेत्र के अमलोर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण के दूसरे दिन की कथा में बोलते हुए आचार्य रामबाबू वाजपेई ने भगवान के वाराह अवतारों की कथा के साथ-साथ राजा परीक्षित को शाप सुकदेव मुनि का आगमन और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला है।