उपरोक्त अभियोग माननीय न्यायालय में विचाराधीन था। पुलिस उपमहानिरीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल द्वारा की गई सशक्त पैरवी के चलते शुक्रवार शाम 4:00 बजे न्यायालय ने संबंधित मामले में दोषी अभियुक्त को 2 वर्ष के कारावास, ₹20000 के अर्थ दंड से दंडित किया है।