आदिवासी समाज त्यौहार हो या शादी- ब्याह अपने पारंपरिक तरीके से मनाते हैं। त्योहारों पर शहर के लोग देवी देवताओं की पूजा करते हैं तो आदिवासी समाज पूर्वजो,खत्रियों,बेलों व धरती माता की पूजा करते हैं। कातर फलिया में बमनाली में मालसिंग खरते ने दीपावली पर अपने परिवार के 2 घरों में पूर्वज,खत्री व धरती माता की पूजा कर बेलों को अनाज(दान) खिलाया। साथ ही आशीर्वाद भीलिया