पत्थलगांव विकासखंड में निवास करने वाली झोरा जाति अपनी अनोखी और पारंपरिक आजीविका के कारण देशभर में अलग पहचान रखती है। यह समुदाय पीढ़ियों से नदियों की रेत से स्वर्ण कण चुनकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता आ रहा है। पत्थलगांव क्षेत्र के बहनाटांगर में मांड नदी के किनारे रोजाना झोरा समाज के दर्जनों लोग बालू छानते नजर आते हैं। कड़ी मेहनत के बाद ये लोग प्रतिदिन करीब