रंगों की धुलंडी पर जहां पूरा देश गुलाल में सराबोर दिखा, वहीं शाहपुरा ने आध्यात्मिक रंगों में खुद को रंग लिया। कस्बे में आज से रामस्नेही संप्रदाय का प्रतिष्ठित फूलडोल महोत्सव विधिवत शुरू हो गया। करीब ढाई सौ वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में धुलंडी के दिन रंग-गुलाल नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और लोक-संस्कृति की छटा बिखरती है।