लोहाघाट: गुमदेश क्षेत्र के प्रसिद्ध चौखाम बाबा मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के नवें दिन बाणासुर की कथा का प्रसंग सुनाया गया
बुधवार को पुरोहित चंद्रशेखर कलौनी और भुवन चंद्र कलौनी ने पूजा संपादित की। दोपहर दो बजे बाद कथावाचक खिलानंद कलौनी ने शिव महापुराण कथा में चित्रा लेखा के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि चित्रा लेखा चित्रकारिता में निपुण थी और स्वप्न में देखे गए मनुष्य का साक्षात चित्र बनाने की कला भी थी। इसके साथ ही कथावाचक ने बाणासुर की कथा का प्रसंग भी सुनाया।