हरदा जिले के ग्राम रिछाड़िया में 50 लाख रुपए की लागत से बना कचरा ट्रीटमेंट प्लांट 15 साल बाद भी अनुपयोगी पड़ा है। कचरे से खाद बनाने के उद्देश्य से यह प्लांट स्थापित किया गया था, लेकिन राजनीतिक खींचतान के कारण जनता के पैसों की बर्बादी हुई। अब इस स्थान पर फायर स्टेशन बनाने की योजना है। इसका परिणाम यह है कि आज भी लोग कचरे के धुएं, दुर्गंध से जूझ रहे हैं।