टाटीझरिया में एक ही आंगन के दो चिरागों ने एक साथ रोशन किया नाम, बेटी बनी जेआरएफ तो बेटा प्रोफेसर पद को तैयार। संघर्षों को मात देकर भाई-बहन ने फहराया सफलता का परचम, एक साथ जीती नेट की जंग। हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी, तो वक्त की प्रतिकूल धारा को भी मोड़ा जा सकता है। टाटीझरिया निवासी रंधीर चौधरी के घर से निकली कामयाबी की गूंज क्षेत्र में सुनाई दे रही है।