“अगर भारत में कहीं कथनी और करनी के अंतर की समस्या सबसे ज़्यादा दिखती है,
तो वह भाजपा के कुछ नेताओं के बयानों में नज़र आती है।
निशिकांत दुबे इसके एक उदाहरण हैं—
जहाँ बात और व्यवहार में सामंजस्य नहीं दिखता।” - Ramnagar News
“अगर भारत में कहीं कथनी और करनी के अंतर की समस्या सबसे ज़्यादा दिखती है,
तो वह भाजपा के कुछ नेताओं के बयानों में नज़र आती है।
निशिकांत दुबे इसके एक उदाहरण हैं—
जहाँ बात और व्यवहार में सामंजस्य नहीं दिखता।”