सनातन परंपरा में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि का महत्व बहुत ज्यादा माना गया है, क्योंकि यह तिथि दुख दुर्भाग्य को दूर करने वाली दशा माता की पूजा एवं व्रत के लिए समर्पित है। शुक्रवार को नया हरसूद छनेरा सहित संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं ने घर परिवार की दशा सुधारने की कामना से विधि विधान से दशा माता की पूजा अर्चना की।