सरदारशहर के बीहड़ बालाजी बुंगली मंदिर पर चल रही तीन दिवसीय नानी बाई के मायरे की कथा का समापन हो गया। कथावाचक अजय भैया ने तीसरे दिन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि ज्यों ही नानी बाई को अपने पिता नरसी मेहता के अंजार नगर में आने का पता चलता है तो वह हर्ष में उनसे मिलने जाती है। मगर मिलने जाने से पूर्व अंजार नगर स्थित श्रीरंग सेठ के परिवार की ओर से नरसी मेहता की