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भीलवाड़ा: कुंभा सर्किल के पास पैदल रोड क्रॉस कर रहे व्यक्ति को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, घायल जिला चिकित्सालय में भर्ती

Bhilwara, Bhilwara | Jul 6, 2025
आजाद नगर निवासी व्यक्ति रविवार को फैक्ट्री से कार्य कर घर की ओर लौट रहा था इसी दौरान कुंभा सर्किल के समीप रोड क्रॉस करते समय एक तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी जिससे वह गिरकर घायल हो गया जिसे उपचार हेतु निजी साधन की सहायता से जिला अस्पताल लाया गया जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में घायल व्यक्ति का उपचार जारी है|

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देवा का समर कैंप बना प्रतिभाओं की पाठशाला, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे ग्रामीण विद्यार्थी

जैसलमेर: मनोहर लाल राठौड़
जैसलमेर । शिक्षा विभाग एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जैसलमेर के संयुक्त तत्वावधान में मोहनगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवा में आयोजित अभिव्यक्ति एवं लघु उद्योग प्रशिक्षण शिविर (समर कैंप-2026) विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान कर रहा है। शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनमें स्वावलंबन, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक सोच का विकास किया जा रहा है। शिविर के दौरान सीओ गाइड जैसलमेर कृतिका पाराशर ने विद्यालय पहुंचकर कैंप का निरीक्षण किया तथा प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए आर्ट एवं क्राफ्ट मॉडल, चित्रकला, संगीत, कुकिंग, खेल गतिविधियों एवं मेहंदी प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, उत्साह और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार का समर कैंप पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जो बच्चों की मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कृतिका पाराशर ने बताया कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल मनोरंजन तक सीमित रखना नहीं बल्कि उनकी कल्पनाशीलता और कौशल को व्यवहारिक रूप देना है। कैंप में कटिंग एवं पौध निर्माण, चित्रकला, लोक भजन गायन, हस्तकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित कला एवं कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी गणपत राम ने बताया कि समर कैंप में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। शिविर में प्रतिदिन नई-नई गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने, सृजन करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं तथा उनमें जीवनोपयोगी कौशल विकसित करते हैं।
शिविर में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वरिष्ठ अध्यापक जयप्रकाश द्वारा कुकिंग, आर्ट एवं क्राफ्ट की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, वहीं भुवनेश कुमार स्पोकन इंग्लिश एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल विकसित कर रहे हैं। ओमप्रकाश द्वारा मेहंदी, चित्रकला एवं हस्तकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जबकि कनिष्ठ सहायक श्रवण कुमार विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य एवं लोकभजन का अभ्यास करवा रहे हैं।
प्रशिक्षकों ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन की भावना, स्वतंत्र अभिव्यक्ति, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक सोच, अनुशासन, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों से भी परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षक राजेश कुमार, स्काउटर कासम खां सहित विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी गजेंद्र, रिसपाल, साहिल, भगवान दास एवं प्रेम कुमार भी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश ने किया तथा सभी अतिथियों, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
समर कैंप-2026 ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभाओं को निखारने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है, जो उन्हें भविष्य में आत्मविश्वासी, सक्षम एवं स्वावलंबी नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान कर रहा है।

देवा का समर कैंप बना प्रतिभाओं की पाठशाला, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे ग्रामीण विद्यार्थी जैसलमेर: मनोहर लाल राठौड़ जैसलमेर । शिक्षा विभाग एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जैसलमेर के संयुक्त तत्वावधान में मोहनगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवा में आयोजित अभिव्यक्ति एवं लघु उद्योग प्रशिक्षण शिविर (समर कैंप-2026) विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान कर रहा है। शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनमें स्वावलंबन, नेतृत्व क्षमता तथा सकारात्मक सोच का विकास किया जा रहा है। शिविर के दौरान सीओ गाइड जैसलमेर कृतिका पाराशर ने विद्यालय पहुंचकर कैंप का निरीक्षण किया तथा प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए आर्ट एवं क्राफ्ट मॉडल, चित्रकला, संगीत, कुकिंग, खेल गतिविधियों एवं मेहंदी प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, उत्साह और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार का समर कैंप पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जो बच्चों की मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कृतिका पाराशर ने बताया कि शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल मनोरंजन तक सीमित रखना नहीं बल्कि उनकी कल्पनाशीलता और कौशल को व्यवहारिक रूप देना है। कैंप में कटिंग एवं पौध निर्माण, चित्रकला, लोक भजन गायन, हस्तकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित कला एवं कौशल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी गणपत राम ने बताया कि समर कैंप में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। शिविर में प्रतिदिन नई-नई गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने, सृजन करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं तथा उनमें जीवनोपयोगी कौशल विकसित करते हैं। शिविर में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वरिष्ठ अध्यापक जयप्रकाश द्वारा कुकिंग, आर्ट एवं क्राफ्ट की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, वहीं भुवनेश कुमार स्पोकन इंग्लिश एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल विकसित कर रहे हैं। ओमप्रकाश द्वारा मेहंदी, चित्रकला एवं हस्तकला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जबकि कनिष्ठ सहायक श्रवण कुमार विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य एवं लोकभजन का अभ्यास करवा रहे हैं। प्रशिक्षकों ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन की भावना, स्वतंत्र अभिव्यक्ति, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक सोच, अनुशासन, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों से भी परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षक राजेश कुमार, स्काउटर कासम खां सहित विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी गजेंद्र, रिसपाल, साहिल, भगवान दास एवं प्रेम कुमार भी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश ने किया तथा सभी अतिथियों, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। समर कैंप-2026 ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभाओं को निखारने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है, जो उन्हें भविष्य में आत्मविश्वासी, सक्षम एवं स्वावलंबी नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान कर रहा है।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 11, 2026

*संत नामदेव जी की भक्ति से मिली सदाचार और सत्संग की प्रेरणा*
*भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजनों पर झूमे भक्त*
भीलवाड़ा/आकोला: रमेश चन्द डाड                                              पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस संत शिरोमणि नामदेव महाराज के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा ग्रहण की। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की सरिता प्रवाहित होती रही।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान रामनारायण , कृष्ण गोपाल , बनवारीलाल  एवं केसरीमल सोमानी परिवार रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक पूज्य गुरुदेव ने संत नामदेव महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्काम सेवा और नाम स्मरण ही जीवन को सफल बनाते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि सत्संग का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के मन में व्याप्त बुराइयों, कुसंस्कारों और नकारात्मक विचारों को समाप्त कर उसे धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करना है। राम नाम का निरंतर भजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है तथा जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान भी बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
कथा वाचक ने महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे और बुरे कर्मों का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। धर्म, सत्य और सदाचार का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है जो ईश्वर पर विश्वास रखते हुए धर्म के मार्ग पर चलता है।
इस अवसर पर भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक कथा एवं भजनों का रसपान किया।
कथा में शैतान सिंह शक्तावत, हरक नाराणीवाल, रतनलाल आशावा, रामनारायण सोमानी, अनिल व्यास, मनोज गट्टाणी, सत्यनारायण लाखकार, माधुलाल कीर, माहेश्वरी महिला मंडल सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

*संत नामदेव जी की भक्ति से मिली सदाचार और सत्संग की प्रेरणा* *भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजनों पर झूमे भक्त* भीलवाड़ा/आकोला: रमेश चन्द डाड पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस संत शिरोमणि नामदेव महाराज के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा ग्रहण की। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की सरिता प्रवाहित होती रही। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रामनारायण , कृष्ण गोपाल , बनवारीलाल एवं केसरीमल सोमानी परिवार रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक पूज्य गुरुदेव ने संत नामदेव महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्काम सेवा और नाम स्मरण ही जीवन को सफल बनाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि सत्संग का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के मन में व्याप्त बुराइयों, कुसंस्कारों और नकारात्मक विचारों को समाप्त कर उसे धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करना है। राम नाम का निरंतर भजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है तथा जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान भी बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कथा वाचक ने महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे और बुरे कर्मों का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। धर्म, सत्य और सदाचार का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है जो ईश्वर पर विश्वास रखते हुए धर्म के मार्ग पर चलता है। इस अवसर पर भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक कथा एवं भजनों का रसपान किया। कथा में शैतान सिंह शक्तावत, हरक नाराणीवाल, रतनलाल आशावा, रामनारायण सोमानी, अनिल व्यास, मनोज गट्टाणी, सत्यनारायण लाखकार, माधुलाल कीर, माहेश्वरी महिला मंडल सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 11, 2026

*संत नामदेव जी की भक्ति से मिली सदाचार और सत्संग की प्रेरणा*
*भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजनों पर झूमे भक्त*
भीलवाड़ा/आकोला: रमेश चन्द डाड                                              पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस संत शिरोमणि नामदेव महाराज के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा ग्रहण की। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की सरिता प्रवाहित होती रही।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान रामनारायण , कृष्ण गोपाल , बनवारीलाल  एवं केसरीमल सोमानी परिवार रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक पूज्य गुरुदेव ने संत नामदेव महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्काम सेवा और नाम स्मरण ही जीवन को सफल बनाते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि सत्संग का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के मन में व्याप्त बुराइयों, कुसंस्कारों और नकारात्मक विचारों को समाप्त कर उसे धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करना है। राम नाम का निरंतर भजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है तथा जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान भी बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
कथा वाचक ने महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे और बुरे कर्मों का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। धर्म, सत्य और सदाचार का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है जो ईश्वर पर विश्वास रखते हुए धर्म के मार्ग पर चलता है।
इस अवसर पर भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक कथा एवं भजनों का रसपान किया।
कथा में शैतान सिंह शक्तावत, हरक नाराणीवाल, रतनलाल आशावा, रामनारायण सोमानी, अनिल व्यास, मनोज गट्टाणी, सत्यनारायण लाखकार, माधुलाल कीर, माहेश्वरी महिला मंडल सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

*संत नामदेव जी की भक्ति से मिली सदाचार और सत्संग की प्रेरणा* *भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजनों पर झूमे भक्त* भीलवाड़ा/आकोला: रमेश चन्द डाड पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के तृतीय दिवस संत शिरोमणि नामदेव महाराज के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा ग्रहण की। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की सरिता प्रवाहित होती रही। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रामनारायण , कृष्ण गोपाल , बनवारीलाल एवं केसरीमल सोमानी परिवार रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचक पूज्य गुरुदेव ने संत नामदेव महाराज के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण, निष्काम सेवा और नाम स्मरण ही जीवन को सफल बनाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि सत्संग का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के मन में व्याप्त बुराइयों, कुसंस्कारों और नकारात्मक विचारों को समाप्त कर उसे धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करना है। राम नाम का निरंतर भजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है तथा जीवन में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान भी बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कथा वाचक ने महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे और बुरे कर्मों का फल मनुष्य को अवश्य प्राप्त होता है। धर्म, सत्य और सदाचार का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है जो ईश्वर पर विश्वास रखते हुए धर्म के मार्ग पर चलता है। इस अवसर पर भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने देर रात तक कथा एवं भजनों का रसपान किया। कथा में शैतान सिंह शक्तावत, हरक नाराणीवाल, रतनलाल आशावा, रामनारायण सोमानी, अनिल व्यास, मनोज गट्टाणी, सत्यनारायण लाखकार, माधुलाल कीर, माहेश्वरी महिला मंडल सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 11, 2026