टाटीझरिया। हरदिया के आदिवासियों का जीवन पगडंडियों और बदहाली में सिमटा हुआ है। यहां के लोगों को न सड़क मिली न पुल। आज भी इनके पास कंधों पर बीमारों को ढोने की मजबूरी है। हरदिया गांव तक सडक और लुकुईया नाले पर पुल नहीं होने से संकट बढा हुआ है जिससे कि जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी उबाल है। आज भी जिंदगी आदिम युग की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है।