क्या आपने कभी सोचा है कि पुरुष भी चुपचाप पीड़ा सहते हैं? समाज की उम्मीदें, रिश्तों का दबाव और अन्याय – सब कुछ झेलते हुए भी वे बोल नहीं पाते। 💔
तपन सर के इस विचारशील सत्र में जानिए क्यों पुरुष प्रताड़ित हो रहे हैं और क्यों उनकी आवाज़ को भी
क्या आपने कभी सोचा है कि पुरुष भी चुपचाप पीड़ा सहते हैं? समाज की उम्मीदें, रिश्तों का दबाव और अन्याय – सब कुछ झेलते हुए भी वे बोल नहीं पाते। 💔
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