मेरे लिए तो आपके कंधों से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है पापा.. आपका प्यार व् सदैव आपसे मिलने वाला मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे शक्तिशाली नैतिक शक्ति ..
'मेरे लिए आप क्या हैं' शब्दों में इसे बयां करना असंभव है मेरे लिए , मैं बस इतना ही कह सकता हूँ
मेरे लिए तो आपके कंधों से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है पापा.. आपका प्यार व् सदैव आपसे मिलने वाला मार्गदर्शन मेरे जीवन की सबसे शक्तिशाली नैतिक शक्ति ..
'मेरे लिए आप क्या हैं' शब्दों में इसे बयां करना असंभव है मेरे लिए , मैं बस इतना ही कह सकता हूँ - Murliganj News