कोहदा में आयोजित श्री खारीदेव बाबा बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता में ग्रामीण परंपरा और संस्कृति की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। प्रतियोगिता के दौरान बैलगाड़ी दौड़ ने ग्रामीण समाज की मेहनत, समर्पण, सामूहिकता और उत्साह को दर्शाया। यह आयोजन भारतीय प्राचीन संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्राम्य जीवन की आत्मा का प्रतीक रहा।