इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा को अशुभ माना है शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन करना वर्जित होता है आचार्य बालकृष्ण शुक्ला कालू महाराज के अनुसार 11:15 रात्रि से होलिका दहन श्रेयस्कर माना गया है वार्ड क्रमांक 5 के भील बंधु ग्रुप ने होलिका दहन हेतु 11 फीट का गोबर निर्मित नारियल तैयार कर उसमें होलिका व प्रहलाद की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।