नावानगर: नावानगर प्लांट के सीएमडी बोले- मेरी गलती यही कि मैंने बिहार में रोजगार देने की कोशिश की, गुजरात में नहीं है ऐसी समस्या
नावानगर एथेनॉल प्लांट बंद होने के कगार पर है। केंद्र सरकार द्वारा इथेनॉल आवंटन में 50 प्रतिशत की भारी कटौती का सीधा असर यहां कार्यरत लगभग 700 मजदूरों पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्लांट के इथेनॉल स्टोरेज टैंक लगभग भर चुके हैं। प्रबंधन का कहना है कि अगले एक से दो दिनों में जैसे ही टैंक पूरी तरह फुल हो जाएंगे, उत्पादन रोकना पड़ेगा।