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7 Dayz News

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*दिल्ली में सक्रिय साइबर ठगों की पंचकूला-कालका में वारदात करने की योजना नाकाम।*

*पुलिस ने दबोचे 2 आरोपी, 70 एटीएम कार्ड, पीओएस मशीन और 2 मोबाइल फोन बरामद*

*एटीएम के बाहर घूमकर कम-पढ़े लिखें लोगों व बुजुर्गों को पैसे निकलवाने की मदद के बहाने देते थे साइबर ठगी को अंजाम*

*दोनों आरोपी 4 दिन के पुलिस रिमांड पर*

पंचकूला/कमल कलसी 
        पंचकूला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एटीएम से पैसे निकालने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से रकम निकालता था। साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 70 एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन व 2 मोबाइल फोन बरामद किए है। 
        आरोपियों की पहचान मनोज कुमार निवासी जिला हिसार तथा अनिल निवासी जिला भिवानी के रूप में हुई है। 14 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम को सूचना मिली थी कि दो युवक सेक्टर-20 की मार्केट में अलग-अलग बैंकों के एटीएम के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे हैं। उनके पास बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और एक पीओएस मशीन भी है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों युवकों को काबू कर लिया।
       डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार तलाशी के दौरान आरोपी मनोज कुमार के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 43 एटीएम कार्ड बरामद हुए, जबकि आरोपी अनिल के पास से 27 एटीएम कार्ड मिले। इसके अलावा अनिल से एक पीओएस मशीन बरामद की गई। पुलिस ने सभी कार्डों और मशीन को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला में 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
        प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एटीएम से पैसे निकालने आने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे। वे धोखे से उनका एटीएम पिन जान लेते और फिर उनके कार्ड के स्थान पर मिलता-जुलता दूसरा कार्ड थमा देते थे। इसके बाद आरोपियों द्वारा संबंधित कार्डों का इस्तेमाल कर अलग-अलग एटीएम से पैसे निकालने की बात सामने आई है। इसके अलावा, एटीएम मशीन में छूट गए कार्डों को उठाकर पीओएस मशीन के माध्यम से रकम निकालने का तरीका अपनाने की बात भी सामने आई है।
         पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से गिरोह के दो सदस्यों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय अपना पिन किसी के साथ साझा न करें, अनजान व्यक्ति को कार्ड न सौंपें और कार्ड बदलने जैसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सावधान रहें।
       उन्होंने कहा आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, पीओएस मशीन की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों, कथित कमीशन की रकम और वारदातों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही हरियाणा और दिल्ली में उन एटीएम की पहचान भी की जाएगी, जहां से कार्ड उठाने या रकम निकालने की वारदातें की गईं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
*पंचकूला में हरियाणा की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट का शुभारंभ।*

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया उद्घाटन*

*20 जवानो और 100+ CCTV कैमरों की निगरानी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा होगी मजबूत*

*मुख्यमंत्री ने जानी कार्यप्रणाली, की टूरिस्ट पुलिस पहल की सराहना*

*CCTV कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग, मंदिर परिसर में ही दर्ज होंगी शिकायतें, मिलेगी FIR संबंधी सुविधा*

पंचकूला/कमल कलसी।
             हरियाणा पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला स्थित श्रीमाता मनसा देवी मंदिर परिसर में हरियाणा की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट का उद्घाटन किया। आधुनिक निगरानी प्रणाली, विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों और श्रद्धालु-केंद्रित सुविधाओं से सुसज्जित यह पोस्ट धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी।
            इस अवसर पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल तथा पंचकूला के पुलिस कमिश्नर पंकज नैन, आईपीएस ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। टूरिस्ट पुलिस पोस्ट का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमियों से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही सुरक्षा, मार्गदर्शन, शिकायत निवारण और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों या पुलिस थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।

*मुख्यमंत्री ने जानी टूरिस्ट पुलिस पोस्ट की कार्यप्रणाली, श्रद्धालु-केंद्रित पहल की करी सराहना*

          उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस अधिकारियों से टूरिस्ट पुलिस पोस्ट की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि माता मनसा देवी मंदिर में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी भाषा, आवश्यकताओं और परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध करवाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। टूरिस्ट पुलिस पोस्ट इस दिशा में प्रभावी माध्यम बनेगी और श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में अधिक सुरक्षित, सहज एवं बेहतर अनुभव प्रदान करेगी।

*20 विशेष प्रशिक्षित जवान रहेंगे तैनात, अलग वर्दी और बेहतर संवाद पर विशेष जोर*

      टूरिस्ट पुलिस पोस्ट पर 20 विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। इन जवानों को सामान्य पुलिस वर्दी से अलग विशिष्ट टूरिस्ट पुलिस वर्दी प्रदान की गई है, जिससे श्रद्धालु जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से पहचान सकेंगे।
          जवानों को विनम्र व्यवहार, प्रभावी संवाद, सॉफ्ट स्किल और विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में उन्हें सहजता से सहायता उपलब्ध करवाना है।

*दर्शन से लेकर पार्किंग और परिवहन तक, श्रद्धालुओं को मिलेगा एक ही स्थान पर मार्गदर्शन*

               टूरिस्ट पुलिस पोस्ट को एकीकृत सहायता एवं सूचना केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन की कतार, वीआईपी दर्शन व्यवस्था, जूता घर, प्रसाद, लंगर और मंदिर परिसर से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।
     इसके अतिरिक्त बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ऑटो एवं ई-रिक्शा स्टैंड और पार्किंग स्थलों के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। पंचकूला आने वाले श्रद्धालुओं को कालका स्थित श्रीकाली माता मंदिर और श्रीचंडी माता मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी तथा वहां पहुंचने के मार्ग के बारे में भी बताया जाएगा। इससे धार्मिक यात्रियों को आवश्यक सूचनाएं और सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी।
           श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए मंदिर परिसर में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग टूरिस्ट पुलिस पोस्ट में स्थापित नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। सक्रिय अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित उपलब्ध जानकारी के आधार पर निगरानी को प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि जेबकतरी, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
                इसके साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से आवश्यक घोषणाएं कर श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपातस्थिति में पुलिसकर्मी तत्काल समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

*अब शिकायत दर्ज करवाने के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं, मंदिर परिसर में ही मिलेगी सुविधा*

     टूरिस्ट पुलिस पोस्ट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक शिकायत दर्ज करवाने की सुविधा है। पहले गुमशुदगी, सामान खोने अथवा अन्य संबंधित शिकायतों के लिए श्रद्धालुओं को लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित माता मनसा देवी थाने जाना पड़ता था। अब मंदिर परिसर में ही स्थापित इस पोस्ट पर एफआईआर और रोजनामचा संबंधी सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को समय पर पुलिस सहायता मिल सकेगी और शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।

*मेडिकल इमरजेंसी, भगदड़ जैसी स्थिति और वीआईपी मूवमेंट में बेहतर समन्वय*

          मंदिर परिसर में किसी भी चिकित्सा आपातस्थिति, भगदड़ जैसी परिस्थिति अथवा वीआईपी मूवमेंट के दौरान टूरिस्ट पुलिस के जवान मंदिर बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
               हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि प्रदेश की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट की स्थापना श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर पुलिसिंग के प्रति हरियाणा पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्हें विश्वास है कि विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों, आधुनिक निगरानी व्यवस्था और प्रभावी संवाद के माध्यम से माता मनसा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और यादगार बनेगी| उन्होंने कहा कि इस पहल से श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर मार्गदर्शन, शिकायत निवारण और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। साथ ही, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

*ये रहे उपस्थित*

उद्घाटन समारोह में जिला उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विवेक आर्या, पुलिस आयुक्त पंकज नैन, डीसीपी पंचकूला श्रीमती अदिति सिंह, आईपीएस, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक श्री अमरिंदर सिंह, आईपीएस, मेयर श्री शाम लाल बंसल, हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती बंतो कटारिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव श्रीमती शारदा प्रजापति, मीडिया संपर्क प्रमुख श्री प्रवीण अत्रे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 6
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 8
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 9
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 4
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 7
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 11
*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर/कमल कलसी ।

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 12
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 10
प्रेस विज्ञप्ति

*चार महीने से SSP कार्यालय में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं; वरिष्ठ नागरिकों ने FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की लगाई गुहार*

*पूरी रकम और अलॉटमेंट के बावजूद फ्लैट ट्रांसफर का आरोप, वरिष्ठ नागरिकों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल*

*फ्लैट विवाद में 4 महीने से न्याय की आस, SSP कार्यालय में शिकायत के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई*

*फ्लैट ट्रांसफर विवाद ने उठाए कई सवाल; FIR दर्ज करने और 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री की जांच की मांग*

*अलॉटमेंट और पूरी भुगतान राशि के बावजूद तीसरे पक्ष को फ्लैट ट्रांसफर/बिक्री का आरोप*

*शिकायतकर्ताओं का दावा—वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाकर किया जा रहा परेशान*

जीरकपुर, 8 अक्टूबर 2026:

जीरकपुर के पीर मुछल्ला स्थित M/s Royale Empire से जुड़े अनेकों फ्लैट के अलॉटमेंट लैटर देने के बाद कथित धोखाधड़ीपूर्ण एवं अवैध ट्रांसफर/बिक्री के मामले में शिकायतकर्ताओं राजिंदर सिंह बाजवा फ़्लैट नंबर 304, Block C और कृष्ण अवतार जोशी 303 Block F ने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।                         
           तीनों शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और इस मामले को लेकर लगभग तीन महीने पहले SSP कार्यालय में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
         शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने संबंधित फ्लैट की पूरी बिक्री राशि का भुगतान किया था और फ्लैट विधिवत उनके नाम पर आवंटित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि बाद में इसी फ्लैट को कथित तौर पर किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर/बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि SSP कार्यालय में शिकायत दिए हुए लगभग 4, महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मामले को उस स्तर तक आगे नहीं बढ़ाया गया है जिसकी उनसे अपेक्षा थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय में बुलाया जा रहा है। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार बुलाए जाने के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
         उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की कि उनकी उम्र और स्थिति को देखते हुए अनावश्यक रूप से बार-बार बुलाने के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाए।

*अलॉटमेंट, भुगतान और कथित ट्रांसफर की जांच की मांग*

            शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनके पास फ्लैट के अलॉटमेंट और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका आरोप है कि जब फ्लैट की पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका था और फ्लैट उनके नाम पर अलॉट किया गया था, तो बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को किस आधार पर ट्रांसफर अथवा बेचने की प्रक्रिया अपनाई गई, इसकी जांच होना आवश्यक है।
        उन्होंने पुलिस से मांग की कि फ्लैट की मूल अलॉटमेंट, भुगतान की गई राशि, संबंधित एग्रीमेंट, ट्रांसफर/बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
               शिकायतकर्ताओं ने प्रिंस गर्ग, निकिता गर्ग व अंजू सिंगला पत्नी लेट श्री जीवन गर्ग पर आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में यदि जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, गलत या कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल अथवा अन्य किसी कानूनी अनियमितता के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

*2500 गज जमीन की रजिस्ट्री को लेकर भी उठे सवाल*

             शिकायतकर्ताओं ने इस मामले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु की जांच की भी मांग की है। उनका आरोप है कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद भी लगभग 2500 गज जमीन 77 लाख में खरीद कर रजिस्ट्री निकिता गर्ग के नाम पर करवाई गई। जिसको उन्होंने लगभग 20 करोड़ के करीब बेचा बताया जा रहा है। जिसमें इन्होंने सरकार के रेवन्यू की भी चोरी की है, जो जाँच का विषय है।
            शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकाना हक, प्रोजेक्ट अप्रूवल, संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भुगतान एवं लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि प्रोजेक्ट पास होने के बाद उक्त 2500 गज जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर और किन परिस्थितियों में की गई। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच भी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

*अन्य फ्लैट धारकों ने भी रखी अपनी बात*

           ईस मामले से जुड़े अन्य फ्लैट धारकों संदीप कटारिया, फ्लैट नंबर 401, ब्लॉक-F और शील कौशिक का, फ्लैट नंबर 503, ब्लॉक-C ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

         संदीप कटारिया ने कहा कि फ्लैट से संबंधित दस्तावेजों और फ्लैट धारकों के अधिकारों की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फ्लैट के अलॉटमेंट, भुगतान या ट्रांसफर की प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
                वहीं शील कोशिक ने कहा कि फ्लैट धारकों ने अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति में निवेश किया है और उन्हें अपने फ्लैट तथा निवेश की स्थिति को लेकर स्पष्टता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।

*FIR दर्ज कर समयबद्ध जांच की मांग*

            राजिंदर सिंह बाजवा और कृष्ण अवतार जोशी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
           उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि SSP कार्यालय में लगभग चार महीने पहले दी गई शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए और फ्लैट के साथ-साथ 2500 गज जमीन की कथित रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
         शिकायतकर्ताओं ने कहा कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और लंबे समय से अपनी शिकायत के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करने के बजाय मामले के उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच करते हुए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
            उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से उम्मीद जताई कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Part 5
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*डीसीपी अदिति सिंह ने बेहतर कार्य करने वाले 13, पुलिस कर्मियों व 2, प्लाटूनों को किया सम्मानित*

*जनरल परेड में दिखा पंचकूला पुलिस का अनुशासन और जोश*

*अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश*

*डीसीपी अदिति सिंह ने थाना-चौकी स्तर पुलिसिंग की साप्ताहिक समीक्षा ओर पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का बारीकी से निरीक्षण कर दिए सुधार के निर्देश*

पंचकूला/कमल कलसी 
             पंचकूला पुलिस की कार्यप्रणाली में अनुशासन, जवाबदेही और बेहतर पुलिसिंग को और मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन पंचकूला में साप्ताहिक जनरल परेड का आयोजन किया गया। डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने परेड की सलामी ली। परेड के दौरान पुलिस कर्मियों ने दौड़ एवं ड्रिल का प्रदर्शन किया। परेड के उपरांत डीसीपी ने थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्जों तथा थानों एवं चौकियों के मुंशियों के साथ पुलिस कमिश्नर पंचकूला आईपीएस पंकज नैन की अध्यक्षता में हुई बैठक के प्रमुख बिंदुओं की साप्ताहिक समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए।
         डीसीपी ने थानों में लंबित मामलों एवं शिकायतों की नियमित समीक्षा करने, बिना नंबर प्लेट एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, किरायेदारों एवं अन्य आवश्यक वेरिफिकेशन को प्राथमिकता देने, थाना क्षेत्रों के हॉटस्पॉट पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा असामाजिक तत्वों, विशेषकर जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अकेले रह रहे बुजुर्गों से निरंतर संवाद बनाए रखने तथा उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी विशेष जोर दिया। डीसीपी ने कहा कि पुलिसिंग केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और आमजन के साथ निरंतर संवाद भी प्रभावी पुलिसिंग का अहम हिस्सा है।
           इस दौरान डीसीपी अदिति सिंह ने पुलिस कर्मियों से उनकी ड्यूटी से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ सुझाव भी मांगे, ताकि फील्ड में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करने से पूरी पुलिस टीम का मनोबल बढ़ता है और इसी उद्देश्य से शानदार कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सभी की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।
       डीसीपी ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले 13 पुलिस कर्मियों, जिनमें थाना कालका प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रताप सिंह, महिला पीएसआई रितू, प्लाटून कमांडर लेडी एएसआई शिवानी, प्लाटून कमांडर पीएसआई मनोज, लेडी एएसआई सुदेश कुमारी, महिला मुख्य सिपाही प्रेम, एएसआई धनीराम (थाना रायपुर रानी), मुख्य सिपाही अमित कुमार, सिपाही रजनीश, सिपाही विनोद कुमार, एसपीओ राकेश, सिपाही श्यो भगवान तथा होमगार्ड ब्रिजदास शामिल रहे, को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा 15 अगस्त की परेड में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली महिला प्लाटून के सभी पुलिस कर्मियों तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली पुरुष प्लाटून के सभी पुलिस कर्मियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
         डीसीपी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार बेहतर कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सभी की मौजूदगी में सम्मानित किया जा रहा है, उसी प्रकार ड्यूटी में लापरवाही, अनैतिक गतिविधियों या अनुचित कार्यों में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को ईमानदारी एवं निष्पक्षता के साथ ड्यूटी करने तथा आमजन के साथ व्यवहार में नरमी और संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए।
           जनरल परेड के दौरान डीसीपी ने ईआरवी और राइडर पर तैनात पुलिस कर्मियों को रिस्पांस टाइम बेहतर करने के निर्देश दिए तथा उनके किट एवं आवश्यक साजो-सामान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए मुसीबत के समय पुलिस सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक होती है, इसलिए फील्ड में तैनात पुलिस कर्मी हमेशा पूरी तैयारी और आवश्यक साजो-सामान के साथ सक्रिय रहें, ताकि सूचना मिलते ही कम से कम समय में मौके पर पहुंचकर प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
          इसके बाद डीसीपी ने पुलिस लाइन स्थित विभिन्न शाखाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन परिसर में साफ-सफाई एवं बेहतर रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
         पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि साप्ताहिक परेड पुलिस जवानों के जोश, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सुरक्षा एवं सेवा के प्रति पुलिस कर्मियों का अटूट समर्पण ही पंचकूला पुलिस की ताकत है। साथ ही बताया कि जिला में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए सभी अभियानों एवं पुलिसिंग गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। बेहतर कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा, वहीं ड्यूटी के प्रति ईमानदारी नहीं बरतने तथा अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई,नकली नोटों के कारोबार का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार*
        
              दिल्ली पुलिस ने नकली भारतीय करेंसी नोटों की सप्लाई और सर्कुलेशन करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुल 7 लाख 38 हजार रुपये के नकली नोट बरामद भी किए हैं।
          गिरफ्तार आरोपियों में 28 वर्षीय, 22 वर्षीय और 56 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
ब्लैक फिल्म लगी कार का 10 हजार रुपये का चालान कर मौके पर ही उतरवाई फिल्म*

पंचकूला/कमल कलसी 
             पंचकूला में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए पंचकूला पुलिस द्वारा यातायात नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने वाहनों पर लगी ब्लैक फिल्म तथा अन्य गंभीर यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।
        डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार आज पुराना पंचकूला में चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस टीम ने ब्लैक फिल्म लगी एक कार को रोककर 10 हजार रुपये का चालान किया। पुलिस टीम ने मौके पर ही वाहन से ब्लैक फिल्म भी उतरवाई, ताकि वाहन चालक द्वारा नियमों की दोबारा उल्लंघना न की जा सके।
        पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि हमारी टीमों द्वारा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और मौके पर ही ब्लैक फिल्म उतरवाई जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करें और वाहनों पर ब्लैक फिल्म का इस्तेमाल न करें। वाहनों पर ब्लैक फिल्म किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंचकूला NHI 73 पर सेक्टर 26 के पास पुलिस लाईन से 100 मीटर की दूरी पर लगा प्याकड़ो का जमावड़ा। राहगीर हो रहे परेशान।
*विकास एवं पंचायत मंत्री हरियाणा ने 108 डायामीटर की रंगोली का किया उद्घाटन*

*सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के उत्थान के लिए अनेकों योजनाएं की संचालित-कृष्ण लाल पंवार*

*रंगौली जैसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में बढता है आत्मविश्वास-विकास एवं पंचायत मंत्री*

पंचकूला/कमल कलसी 
           हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 108 डायामीटर की भव्य रंगोली का विधिवत उद्घाटन किया। 
            इस अवसर पर संबोधित करते हुए कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों के द्वारा देश आज विश्व की  चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। 
               उन्होंने कहा कि आज जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस रंगोली प्रतियोगिता में आकर उन्हें प्रसन्ता हो रही है। उन्होंने इस आयोजन के लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, शिक्षकों, निर्णायक मंडल और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई दी।
      उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का जो अवसर आज दिया गया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की सेवा, समर्पण और सुशासन की यात्रा को समर्पित करते हुए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर को श्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और देश के प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। यह 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा, सुशासन, विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी यात्रा के रूप में देखी जा रही है।
            पंवार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान का संदेश भी यही है कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी कुछ करने का संकल्प लें। पिछले 12 वर्षों में भारत देश में आधारभूत ढांचे, सड़क, रेलवे, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण सहित अनेक क्षेत्रों में योजनाएं और विकास कार्य किए गए हैं। देश में डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है और आज अनेक सरकारी सेवाएं लोगों तक ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके द्वार पर पहुंच रही हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास, शौचालय, बैंक खाते, रसोई गैस, स्वास्थ्य सुविधाओं और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। प्रधानमंत्री की इस जनसेवा विकास यात्रा में शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को अधिक व्यापक, कौशल आधारित और विद्यार्थी केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है।
             उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय उनकी रचनात्मकता, तकनीकी क्षमता, खेल, कला और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हरियाणा भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सुविधाएं और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। आज गांवों में मूलभूत सुविधाओं के साथक-साथ पंचायतों को भी डिजिटल प्रणाली से सशक्त और मजबूत किया जा रहा है। इसी के साथ-साथ शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 
          पंवार ने कहा कि 108 डायामीटर की रंगोली प्रतियोगिता भी इसी सोच का एक हिस्सा है। रंगोली केवल रंगों से बनाई गई आकृति नहीं है। यह हमारी भारतीय संस्कृति, परंपरा, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का प्रतीक है। जब कोई विद्यार्थी रंगों को मिलाकर एक सुंदर आकृति तैयार करता है, तो उसके पीछे उसकी कल्पना, मेहनत, धैर्य और एकाग्रता होती है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और रचनात्मक सोच विकसित करती हैं। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है।
        उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य एक ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है, जो ज्ञान के साथ संस्कारों से भी समृद्ध हो और अपने समाज तथा देश के प्रति जिम्मेदारी को समझे। उन्होंने कहा कि बच्चे देश और प्रदेश का भविष्य हैं। आने वाले समय में आपमें से कोई शिक्षक बनेगा, कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई वैज्ञानिक, कोई अधिकारी और कोई उद्यमी बनेगा। लेकिन सबसे पहले आप सभी अच्छे और जिम्मेदार नागरिक बनें, यही सबसे महत्वपूर्ण है।  
          उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामाजिक सेवा जैसे कार्यों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जुड़े इस सेवा संकल्प अभियान का एक महत्वपूर्ण संदेश जनभागीदारी का भी है। उन्हेांने कहा कि जब विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, युवा और समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ता है, तभी किसी प्रदेश और देश का विकास मजबूत होता है। हमें आज यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। हम स्वच्छता रखेंगे, पर्यावरण बचाएंगे, जरूरतमंदों की सहायता करेंगे, शिक्षा का महत्व समझेंगे और अपने समाज को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
         हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चैयरपर्सन श्रीमती बंतो कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की साख दुनिया भर में बढाई है। प्रधानमंत्री ने पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चलाकर हरियाणा में ही नही देशभर में बेटियों का मान बढाया है। उन्होने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी। 
          बीजेपी के जिला प्रधान अजय मितल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा विभाग व बच्चों द्वारा बनाई गई रंगौली की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के अथक प्रयास से ही भारत दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है और 2047 तक भारत एक विकसित देश के रूप में उभरेगा। 
           पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने 25 साल के समय में गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होने कहा कि आने वाला समय भारत का है। वो दिन दूर नही जब भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा । उन्होने कहा कि 17 सिंतबर से 17 अक्तूबर तक सेवा संकल्प अभियान में अनेंकों कार्यक्रम व प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कार्यो को जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। 
 
*इस बडी रंगोली को बनाने मे सार्थक स्कूल सेक्टर 12A के पीजीटी फाइन आर्ट्स के लेक्चरर भीम सिंह व म्यूजिक टीचर व बच्चों का विशेष योगदान रहा है।*
             इस अवसर पर उपायुक्त पंचकूला सतपाल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्या, एसडीएम मन्नत राणा, डीईईओ सुमन, डिप्टी डीईओ रमेश बत्रा, जिला महामंत्री जय कौशिक, रंगोली कार्यक्रम की संयोजक मीता सरकार व शरू ढिमरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
*पंचकूला पुलिस ने पकड़ा शातिर वाहन चोर*

*रेलवे लाइन से लेकर घग्गर नदी के किनारे सुनसान झाड़ियों में छिपाई 12 मोटरसाइकिल ओर 1,स्कूटी बरामद*

पंचकूला/कमल कलसी 
           वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के मामलों में पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन द्वारा हाल ही में आयोजित क्राइम मीटिंग में पुलिस टीमों को वाहन चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत एसीपी क्राइम अमन कुमार के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच-2 पंचकूला की टीम ने वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कुल 13 दोपहिया वाहन, जिनमें 12 मोटरसाइकिल और 1 स्कूटी शामिल है, बरामद किए हैं।
                क्राइम ब्रांच-2 इंचार्ज प्रवीण मलिक के अनुसार, 24 सितंबर को सेक्टर-19 निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल को 23 सितंबर 2026 को उसके मकान के नीचे खड़ा किया गया था, जहां से अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल चोरी करके ले गया।
            शिकायत के आधार पर सेक्टर 20 थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर फेस-1,सेक्टर-19 से आरोपी कर्ण खान निवासी खड़क मंगोली, पंचकूला, उम्र करीब 29 वर्ष को काबू किया गया। आरोपी के कब्जे से शिकायतकर्ता की चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद की गई।
        डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार, आरोपी से कुल 12 मोटरसाइकिल और 1, स्कूटी सहित 13 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। आरोपी ने चोरी किए गए वाहनों को एक ही स्थान पर रखने के बजाय अलग-अलग लावारिस स्थानों, रेलवे लाइन, श्मशान घाट तथा घग्घर नदी के आसपास झाड़ियों में छिपाकर रखा हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इन वाहनों को आगे बेचने की फिराक में था। बरामद किए गए वाहनों के संबंध में संबंधित थानों में दर्ज मामलों से रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वाहनों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।
       पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के अनुसार आरोपी कर्ण खान के खिलाफ पहले से चोरी के 8 मामले दर्ज हैं। आरोपी करीब ढाई माह पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और इसके बाद दोबारा वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत भेजा गया है।
            पुलिस कमिश्नर ने आगे कहा कि पंचकूला पुलिस द्वारा वाहन चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस टीमों द्वारा चोरी की वारदातों को सुलझाने के साथ-साथ आरोपियों की धरपकड़ और चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चोरी के मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और बरामद वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
*पंचकूला में बिना लाइसेंस वाहन दौड़ा रहे 26 नाबालिगों के वाहन जब्त,*

*कुल 52 छात्रों के काटे गए चालान*

*लापरवाह अभिभावकों पर भी लगा 5000 का अतिरिक्त जुर्माना*

*पुलिस कमिश्नर पंकज नैन बोले- बच्चों को अच्छे संस्कार, खेल का सामान और किताबें दें परिजन, वाहन नहीं*

पंचकूला/कमल कलसी 
         शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों पर हुड़दंगबाजी रोकने के लिए पंचकूला पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते दिनों एक नाबालिग द्वारा मोटरसाइकिल पर अवैध रूप से सायरन लगाकर हुड़दंग मचाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश जारी किए , ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
        डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार टीमों ने 24 सितंबर को शहर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के बाहर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 52 छात्रों के चालान काटे गए। जांच में पाया गया कि इनमें से 26 छात्र नाबालिग थे, जो बिना वैध लाइसेंस के वाहन चला रहे थे। पुलिस ने सभी 26 नाबालिगों के वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। 
            कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे कुछ अभिभावकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया। दो बच्चों के परिजनों ने स्वीकार किया कि बच्चे बिना बताए और जिद करके वाहन ले जाते हैं, ऐसे में पुलिस की यह सख्त कार्रवाई उनके लिए एक सबक साबित होगी। स्कूल प्रशासन ने भी पुलिस के इस चेकिंग अभियान की जमकर सराहना की है।
           पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन अभिभावकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है जिन्होंने अपने नाबालिग बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन सौंपे थे। नियमों के तहत ऐसे सभी चालानों में 5000 की अतिरिक्त जुर्माना राशि जोड़ी गई है। अभिभावकों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दें। बच्चों को अच्छे संस्कार दें, अच्छी किताबें दें और खेल का सामान दें, लेकिन उम्र पूरी होने से पहले उन्हें किसी भी सूरत में वाहन न थमाएं।
*"चौथे"भारत गौरव सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं का हुआ सम्मान*

पंचकूला/कमल कलसी 
            भारत गौरव सम्मान-4 समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में देश और समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों, पत्रकारों, समाजसेवी संस्थाओं, शिक्षकों एवं स्कूली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पंचकूला के मेयर श्यामलाल बंसल रहे। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि समाज एवं देश के लिए कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान करना सराहनीय पहल है। पत्रकारों को इंद्रजीत औलख ने सम्मानित किया। ट्राई मीडिया जर्नलिस्ट क्लब और इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट मीडिया प्रेस क्लब से जुड़े तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पत्रकारों को इंद्रजीत औलख द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने पत्रकारों के कार्यों की सराहना करते हुए सभी सम्मानित पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं। पुलिस कर्मचारियों का पंकज कपूर ने किया सम्मान समारोह में पुलिस विभाग के कर्मचारियों को उनकी सेवाओं और सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
             पंकज कपूर ने पुलिस कर्मचारियों को सम्मान प्रदान किया और उनके कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। 
           समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं और समाजसेवियों को मीना गर्ग द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने समाजहित में किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की और सम्मानित लोगों को शुभकामनाएं दीं। 
      ईस सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों तथा विद्यालय के विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का सम्मान उन्हें आगे भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
                कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुमित कुमार, ईश्वर सिंह शर्मा, संदल सिंह राणा, सतीश ठाकुर, रंजना सैनी, हीरा शर्मा, एसoकेo जैन, पी. पी. वर्मा, राजेश कुमार सहित आयोजक मंडल से जुड़े सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। 

*हर वर्ष आयोजित किया जाता है सम्मान समारोह सुमित कुमार,संपादक दिशा मार्ग,

            सुमित कुमार ने कहा कि दिशा मार्ग और न्यूज़ इंडिया 27 की ओर से हर वर्ष इस प्रकार के सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य पुलिस, पत्रकारिता, शिक्षा, समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित प्रतिभाओं को सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। समारोह में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
*गाएँ को गऊ माता मानने वालों के राज में गऊ माता अपनी भूख मिटाने के लिए लोगों द्वारा फेंका गया कचरा खाने को मजबूर*
*हरियाणा राज्य के रोहतक में 40 हज़ार रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार*
*81,वर्षीय बुजुर्ग से साइबर फ्रॉड के मामले में पांचवे आरोपी को किया गिरफ्तार।*

*पुलिस ने शिकायतकर्ता को 54 लाख रुपये वापस दिलवाए*

*फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाकर फंसाया था जाल में।*

पंचकूला/कमल कलसी 
        ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर 95.21 लाख फ्रॉड के एक मामले में पंचकूला साइबर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम सेक्टर-20 की टीम ने विक्रम उर्फ विक्की निवासी कैथल को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 15 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में पहुंचे थे। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
        डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार यह मामला सेक्टर-6 पंचकूला निवासी 81,वर्षीय सेवानिवृत बुजुर्ग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे व्हाट्सऐप के माध्यम से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया। आरोपियों ने उसे एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवानी शुरू कर दी। शुरुआत में आरोपियों ने उसके खाते में मुनाफे की रकम वापस भेजी, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता और उसकी पुत्रवधू के खातों से कुल 95,21,560 रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवा लिए गए।
            जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने उससे और पैसे जमा करवाने की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड का पता चला और उसने पुलिस को शिकायत दी। थाना साइबर अपराध सेक्टर-20 पंचकूला में 8 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई। 
         जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से फ्रॉड की गई रकम की 15 लाख रुपये 6 सितंबर 2025 को आरोपी विक्रम उर्फ विक्की के बैंक खाते में पहुंचे थे। थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने लगातार प्रयास करते हुए 29 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 30 सितंबर को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान ठगी की रकम के लेन-देन तथा पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

*चार आरोपी पहले गिरफ्तार*

इस मामले में पुलिस द्वारा पहले गुरदीप सिंह उर्फ दीपू डाबला निवासी हिसार, हरियाणा, मनजीत सिंह निवासी हिसार, हरियाणा, मानशवी ढोचक निवासी सोनीपत, हरियाणा तथा अनूप कुमार निवासी दिल्ली को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया जा चुका है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
          पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में पंचकूला पुलिस का जोर आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस दिलवाने पर भी है। इस मामले में शिकायतकर्ता को अब तक 54 लाख रुपये वापस दिलवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा फ्रॉड की शेष रकम की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाकर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
*अमरावती क्षेत्र की नदी से खनन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली रंगे हाथ पकड़े*

*पुलिस को देखकर दौड़ाए वाहनो को पीछा कर लिया कब्जे में*

पंचकूला/कमल कलसी 
            जिले में अवैध माइनिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पंचकूला पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अमरावती चौकी पुलिस ने बुर्जकोटियां के पास नदी क्षेत्र में अवैध माइनिंग में संलिप्त 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया है। 
       डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार अमरावती चौकी की पुलिस टीम 27 सितंबर दोपहर चेकिंग के दौरान बुर्जकोटियां के पास नदी क्षेत्र में पहुंची। वहां 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से खनन करते हुए पाए गए। चौकी इंचार्ज प्रीतम सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालक वाहन लेकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को काबू कर लिया।
              जांच के दौरान दोनों वाहनों के चालकों से वाहनों एवं खनन सामग्री से संबंधित वैध बिल तथा टैक्स संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अमरावती चौकी में खड़ा करवाया गया। इसके बाद माइनिंग विभाग को सूचना देकर दोनों वाहनों को इंपाउंड करवाया गया तथा नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।
          इस संबंध में पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी सूरत में अवैध माइनिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध माइनिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पंचकूला पुलिस द्वारा संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के साथ-साथ पुलिस टीमों द्वारा फील्ड में भी लगातार गश्त एवं चेकिंग की जा रही है, ताकि अवैध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
   
*पंचकूला पुलिस की आमजन से अपील:*  

      पंचकूला पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा यदि किसी व्यक्ति को जिले में कहीं भी अवैध माइनिंग अथवा इससे जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। सूचना मिलने पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।