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7 Dayz News

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*पंचकूला में फायरिंग कर भाग रहे 2 शूटरों को पंचकूला पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा*

पंचकूला/कमल कलसी।

            पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित "स्विस लाउंज क्लब"  के बाहर एक बिजनेसमैन और उसके साथी पर जानलेवा हमला करने वाले रोहित गोदारा गैंग के दो शातिर शूटरों को पंचकूला पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
            डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज व अन्य टीमों ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए ना केवल आरोपियों का पीछा किया, बल्कि उन पर जवाबी फायरिंग कर उन्हें मट्टावाला फ्लाईओवर (यमुनानगर हाईवे) के पास पैरों में गोली मारकर दबोच लिया। 
                पीड़ित के भाई नरेंद्र लुबाना द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उनके छोटे भाई रतन चंद का पंचकूला में क्लब है। दिनांक 3/4 जून 2026 की रात को जब रतन चंद सेक्टर-5 पंचकूला में अपने स्विस लाउंज क्लब के बाहर पार्किंग में ललित नाम के युवक के साथ खड़े थे, तभी काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर जान से मारने की नीयत से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में रतन चंद की पीठ और बाईं बाजू पर गोलियां लगीं, जबकि ललित के दाहिने कंधे पर गोली लगी। दोनों घायलों को तुरंत गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बाद में रतन चंद की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका ऑपरेशन हुआ बताया गया है। 
           डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित किया। सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस को मौके से 7 खाली कारतूस, 2 जिंदा राउंड व अन्य सामानबरामद हुआ। पुलिस ने सेक्टर-5 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 109(1), 111(4), 308(7) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(B), 25(6), 25(7) के तहत मामला दर्ज किया है। 
             डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार इस वारदात के तुरंत बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए सभी टीमों ने साहस का परिचय दिया। डिटेक्टिव स्टाफ के पीएसआई सौरव रावत अपनी निजी कार में सेक्टर-5 पार्किंग के पास मौजूद थे। गोलियों की आवाज सुनते ही उन्होंने शूटरों की पल्सर बाइक का पीछा करना शुरू कर दिया और सभी क्राइम टीमों को अलर्ट किया। जब वह बेला विस्टा गोलचक्कर के पास पहुंचे, तो बाइक पर पीछे बैठे शूटर ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से 2 राउंड फायर किए, लेकिन पीएसआई रावत ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया और इसके बाद पुलिस लाइन मोगीनंद के गेट पर तैनात मुख्य सिपाही कंवरपाल अपनी क्रेटा गाड़ी से उनके साथ शामिल हो गए।

यमुनानगर हाईवे पर क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 टीम ने पीएसआई विजय के नेतृत्व में और एंटी नारकोटिक्स सेल टीम पीएसआई प्रवीण कुमार के नेतृत्व में इस ऑपरेशन में शामिल हो गईं। बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस की गाड़ियों पर लगातार फायरिंग जारी रखी। मट्टावाला फ्लाईओवर के पास पुलिस ने बुलेरो और क्रेटा गाड़ी से बदमाशों की बाइक को घेरकर टक्कर मारी, जिससे बदमाश गिर गए। जमीन पर गिरने के बाद भी बदमाशों ने मुख्य सिपाही कंवरपाल की गाड़ी के बोनट पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीमों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उनके ना मानने पर आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसआई प्रवीण कुमार और मुख्य सिपाही कंवरपाल ने जवाबी कार्रवाई में शूटरों के पैरों पर गोलियां चलाईं। दोनों शूटरों के पैर में गोली लगने के बाद उन्हें पिस्तौल सहित काबू कर लिया गया और तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल पंचकूला दाखिल कराया गया।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (निवासी होशियारपुर, पंजाब) और जसविंदर सिंह उर्फ गोरा (निवासी गांव गोराहुर, लुधियाना, पंजाब) वासी बताया है। आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ही रतन लुबाना की हत्या करने के लिए पंचकूला भेजा था। यह मामला चंडीमंदिर थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5), 281, 111(4), 125, 121(1), 132, 221 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(6), 25(7) के तहत दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है और मामलें मे आगामी जांच जारी है।
*मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में पद ग्रहण समारोह हुआ आयोजित*   

 पंचकूला/कमल कलसी।                     
        हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में नंबर 53-54 कल्याण भवन  सेक्टर 2 पंचकूला में सफाई कर्मचारी आयोग, केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू जाति विकास बोर्ड, राज्य समाज कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का पद ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 2
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 1
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 3
देख तेरे बागों की हालत...क्या हो गई सरकार...क्या अब रहा नहीं कोई सरोकार ?              

     प्रस्तुति - कमल कलसी/एस०के० जैन-

                  हरियाणा की शान कहे जाने वाले शिवालिक पहाड़ियों की गोद में बसे, खूबसूरत शहर पंचकूला के सेक्टर-20, में बने एक बड़े व्यापारिक केंद्र (COMMERCIAL HUB) जो की पॉच खण्डों में बना हुआ है, में सड़क किनारे पार्किंग के साथ लगते तीन बागों (GREEN BELTS) जिनका क्षेत्रफल करीब 4500 वर्ग मीटर है, की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें खस्ताहाल कहना भी मुनासिब नहीं होगा। प्रशासन की अनदेखी के चलते इस प्रकार शहर की ग्रीन बेल्टस खत्म होती गई तो शहर के वातावरण में से प्राणवायु यानि ऑषजन, की भारी कमी हो जाएगी।       

              बागों के चारों ओर लगी लोहे की रेलिंग टूट चुकी है और कहीं-कहीं तो गायब ही है। अब इन्हें बाग कहना भी बाग शब्द का अपमान होगा क्योंकि कहीं भी घास का नामों - निशां तक नहीं बचा है और ना ही बैठने की कोई जगह नजर आती है। यहाँ बने शोरूमों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी वगैरा लंच के समय एवं बाजारों में खरीदारी करने के लिए आए बुजुर्ग महिलाएं व बच्चे कुछ देर सुस्ताने के लिए इन बागों में बैठ जाया करते थे।                           
                 
               कूड़े के ढेर बाग के अन्दर कई जगहें दिखाई देते हैं।स्टेनलेस स्टील के डिब्बे (DUST BINS) टूट फूट चुके हैं और गिरे पड़े हैं।कुछ दिनों के बाद ये यहां से गायब भी हो जाएंगे।आसपास खड़े रेहड़ी फड़ी वालों ने अपना - अपना सामान बागों के अन्दर रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए कोई सुनिश्चित जगह न होने के कारण, पैदल चलने के लिए बनाई गई पटरियों पर भी उनका अतिक्रमण देखा जा सकता है। इसके चलते गाड़ियों को पार्क करने में भी असुविधा होती है। कुछ लोगों ने तो गाड़ियों को भी बागों के अन्दर पार्क किया हुआ है। कई जगह तो अनाधिकृत लोहे के फ्रेम स्ट्रक्चर भी बने हुए हैं। वैसे तो कानून को अंधा कहा जाता है। लेकिन क्या कानून को लागू करवाने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों की भी आंखों में मोतियाबिंद आ चुका है ?               
           
           इस प्रकार जनता द्वारा दिए गए पैसे की बर्बादी क्या न्यायसंगत है ? सवाल तो उठेंगे ही। जिम्मेदार कर्मचारियों, अधिकारियों, शहर के मेयर, नगर निगम कमिश्नर व शहर के "पितामह" को तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है, ऐसा यहां आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों का कहना है। अब आगे देखना यह है कि प्रशासन की कुंभकर्णी नींद कब खुलेगी ?
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है।
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 5
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 7
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 4
*साइबर ठगी के खिलाफ पंचकूला पुलिस को बड़ी सफलता*

 पंचकूला/कमल कलसी- साइबर थाना टीम ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को हिरासत में लिया है। 14 घण्टे के ऑपरेशन के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में साइबर क्राइम की टीम को लीड कर रहे युद्धविर और निर्मला सिंह की टीम के साथ सीआईए 26 की दिलीप सिंह की टीम शामिल रहीं, मौके पर डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह और पुलिस कमिश्नर भी पहुचे पुलिस का दावा है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था।
         गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 हेडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, नोट गिनने की मशीन, पीओएस मशीनें और करीब 11.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चार लोगों को मुख्य आरोपी बताते हुए हिरासत में लिया है।
           प्रारंभिक जांच के अनुसार कॉल सेंटर अमेरिकी समय के अनुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। आरोप है कि कर्मचारी खुद को बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी बैंकिंग व क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
         पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क को चलाने के लिए करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें अंग्रेजी में बातचीत की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती थी ताकि विदेशी नागरिकों का भरोसा जीता जा सके।
        पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस कथित साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
         फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साइबर ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इससे कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। Part 6
*पंचकूला नगर निगम की आंखों में उतरा मोतिया बिंद।*

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