1867 में स्थापित ब्रह्म समाज में रविवार को माघ उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शास्त्रों का पाठ, ब्रह्म संगीत और रविंद्रसंगीत की प्रस्तुति हुई। कोलकाता से आए आचार्य सुप्रतिम चक्रवर्ती ने ईश्वर आराधना का संचालन किया। कार्यक्रम में ब्रह्म समाज के इतिहास और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला गया।