स्कूल और कॉलेज बंद तो कर दिए पर जो 7 से 8 हजार बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे थे उनके लिए पहले टांसपोर्ट की व्यवस्था करनी चाहिए थी । हमेशा बज़ट का ठीकरा जनता के सिर पर ही क्यों फोड़ा जाता है । मंत्रियों की तन्ख्वाह कम हुए क्या , इनकी पेंशन बंद
स्कूल और कॉलेज बंद तो कर दिए पर जो 7 से 8 हजार बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे थे उनके लिए पहले टांसपोर्ट की व्यवस्था करनी चाहिए थी । हमेशा बज़ट का ठीकरा जनता के सिर पर ही क्यों फोड़ा जाता है । मंत्रियों की तन्ख्वाह कम हुए क्या , इनकी पेंशन बंद - Himachal Pradesh News