तारानगर: ददरेवा निवासी तारानगर महंत सुनीता किन्नर ने नरसी भगत की तर्क पर पहले भात, अब छूछक देकर अनोखी मिसाल पेश की
किन्नर समाज जो अपना भरण पोषण करनें के लिये शादी विवाह, उत्सव या बस व रेलगाड़ी में नाचते गाते हुए देखे होंगे। लेकिन हमारे बीच कुछ किन्नर एैसे भी है जो सामाजिक सरोकर निभाने में भी पीछे नहीं रहते। किन्नर सुनीता महंत तारानगर में काजल की शादी की व अब छुछक दिया है। जिसने अपने बल बुत्ते पर ना केवल अपने किन्नर समाज में शोहरत हासिल की है जो समाज मे प्रेरणा दे रही है।