गौहरगंज तहसील के ग्राम भगवानपुरा की, जहां नल-जल योजना कागजों में तो सफल है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गांव में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई। घटिया सामग्री और नाममात्र की सीमेंट से बनाई गई सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ने लगीं।