अलीगंज प्रखंड के दर्जनों मुस्लिम गांवों में रमजान के आखिरी जुमे को लेकर मुस्लिम समाज में खास उत्साह और भावुकता देखी गई। रोजेदारों ने शुक्रवार को दिनभर रोजा रखने के बाद मगरिब की अजान पर 6 बजे एक साथ इफ्तार किया। हाफिज मोहम्मद रेहान ने कहा कि रोजेदार लगभग 16 घंटे भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं। उन्होंने बताया कि रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है।