विश्व रेडियो दिवस के मौके पर गया जिले के आमस प्रखंड का बैदा गांव अपनी अलग पहचान के कारण चर्चा में है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव आज भी ‘रेडियो वाला गांव’ के नाम से जाना जाता है। शुक्रवार दोपहर 1 बजे जब टीम गांव पहुंची तो कुछ बुजुर्ग एक मकान के बाहर बैठे रेडियो पर समाचार सुनते मिले। 70 वर्षीय मो. सनाउल्लाह अंसारी पिछले करीब 50 वर्षों