सिहोरा क्षेत्र की जीवनदायिनी हिरन नदी आज भयावह स्थिति में पहुंच चुकी है। सोमवार सुबह देखा गया की नदी में मात्र तीन से चार दिन का पानी बचा है और हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि जहां पहले पानी बहता था, वहां अब सिर्फ पैर की पंजे भर पानी बचा है। रेत खनन से नदी की गहराई नष्ट हो रही है और जलस्तर तेजी से घट रहा है।